
हमीरपुर। बैंकिंग सेक्टर में एफडीआई के विरोध में सरकारी बैंकों की हड़ताल रही। इस कारण जिले में बुधवार को 50 करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। साथ ही लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। बुधवार को बैंकों की हड़ताल के कारण समस्त सरकारी क्षेत्र के बैंक बंद रहे। लोग बैंक के गेट से वापिस लौटते देखे। कई लोगों को हड़ताल के संबंध में जानकारी नहीं थी।
बैंकिंग सेक्टर में एफडीआई के विरोध और 2012 के बाद वेजिस रिवाइज न किए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर बैंक अधिकारी, कर्मचारी देशव्यापी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के कारण बैंकों में पूरा दिन कामकाज ठप रहा। हड़ताल के चलते जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक शाखाओं पर ताला लटका रहा। इस कारण लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में एटीएम की सुविधा न होने के कारण लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ी। व्यापारी वर्ग को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आल इंडिया पीएनबी आफिसर एसोसिएशन के सदस्य संदीप भटनागर ने बताया कि पहले बैंक में कार्यरत कर्मी की मौत पर आश्रित को नौकरी मिल जाती थी जो बंद कर दी गई है। एसोसिएशन ने मांग की कि आश्रितों को दी जाने वाली नौकरी बहाल की जाए। बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों ने बैंकिंग सेक्टर में एफडीआई निवेश का विरोध किया है। सरकार से मांग की कि बैंकों का मर्ज करना बंद किया जाए। नवंबर 2012 से वेजिस रिवाइज नहीं किए गए हैं, बैंक कर्मियों ने वेजिस रिवाइज करने की मांग उठाई।
